Wednesday, April 29, 2026

छत्तीसगढ़ में 1 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण और गणना अभियान

छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य 1 मई से शुरू होकर 30 मई 2026 तक चलेगा। इस अभियान के दौरान राज्य के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक मकान, परिवार और आवासीय संरचना से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। प्रशासन ने इस महत्त्वपूर्ण कार्य की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।बुधवार को जनगणना निदेशक कार्तिकेय गोयल ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों और संबंधित अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की। बैठक में अभियान की कार्ययोजना, डेटा संग्रहण की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्थाओं और निगरानी तंत्र पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि गणना कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

इस बार मकान सूचीकरण और जनगणना की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रगणकों को मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए जानकारी दर्ज करनी होगी। फील्ड से प्राप्त आंकड़े सीधे केंद्रीय सर्वर पर अपलोड होंगे, जिससे डेटा प्रोसेसिंग में तेजी आएगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से कार्य की निगरानी भी आसान होगी।

बैठक में जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया कि सभी प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण समय पर पूरा कराया जाए। उन्हें केवल डेटा भरने की तकनीकी जानकारी ही नहीं, बल्कि फील्ड में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों से निपटने के लिए भी तैयार किया जाए। अधिकारियों ने कहा कि घर बंद मिलने, जानकारी देने में संकोच या अन्य परिस्थितियों में भी कार्य व्यवस्थित रूप से किया जाए।जनगणना कार्य में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी फील्ड कर्मचारियों को फोटोयुक्त पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी उपलब्ध कराएं।

शहरी क्षेत्रों, बंद गेट वाली कॉलोनियों और अपार्टमेंट परिसरों में गणना कार्य को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई है। आवासीय समितियों और प्रबंधन समूहों को निर्देश जारी किए जा रहे हैं ताकि प्रगणकों को प्रवेश में किसी प्रकार की बाधा न हो और कोई भी परिवार गणना से वंचित न रहे।

जनगणना निदेशक ने अधिकारियों से कहा कि मकान सूचीकरण केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं की आधारशिला है। सही आंकड़ों के आधार पर आवास, राशन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मदद मिलती है। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी क्षेत्र की दोहरी गणना न हो और दूरस्थ इलाकों तक भी अभियान प्रभावी ढंग से पहुंचे।

बैठक में सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज पर निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए। जिलों में निगरानी टीमों को सक्रिय रखने तथा जनगणना से जुड़ी गलत सूचनाओं का त्वरित खंडन करने को कहा गया है। आम नागरिकों की सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 भी उपलब्ध रहेगा।

प्रशासन ने स्थानीय मीडिया, रेडियो, सोशल मीडिया और जनसंपर्क माध्यमों के जरिए जनजागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है, ताकि लोग स्वेच्छा से सही जानकारी साझा करें। अधिकारियों का मानना है कि निर्धारित 30 दिनों की अवधि में अभियान को सफलतापूर्वक पूरा करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा, लेकिन समन्वित प्रयासों से यह कार्य समयसीमा में पूरा किया जा सकेगा।

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