मध्य प्रदेश के आदिवासी अंचल शहडोल ने जल संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के जल संचय जन भागीदारी अभियान में शहडोल ने देश के टॉप-10 जिलों में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता के पीछे जनभागीदारी, तकनीक आधारित निगरानी और प्रशासन की सख्त मॉनिटरिंग की अहम भूमिका रही है। जिले में अभियान की शुरुआत जनवरी माह से ही कर दी गई थी, जहां जिला पंचायत सीईओ शिवम प्रजापति के निर्देश पर इंजीनियरों और मैदानी अमले ने लगातार फील्ड में रहकर कार्यों की निगरानी की। हर दिन सुबह 10 बजे और शाम 7 बजे वीडियो कॉल के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट देना अनिवार्य किया गया, जिससे कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हुई। अभियान के तहत अब तक डेढ़ लाख से अधिक जल संरचनाओं का पुनर्जीवन, 10 हजार से ज्यादा सोक पीट और 1500 से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं का निर्माण किया गया है, जबकि 1 लाख 60 हजार से अधिक फोटो पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं। इस अभियान में शिक्षकों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से इसे जनआंदोलन का स्वरूप मिला है। शहडोल की यह पहल अब पूरे देश के लिए जल संरक्षण का एक प्रेरणादायी मॉडल बन चुकी है।
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