Thursday, August 20, 2026

बंधा मतौर उत्सव में इस बार एक नया रिकॉर्ड बना

कोंडागांव। जिले के ग्राम बरकई में हर तीन साल में आयोजित होने वाले पारंपरिक बंधा मतौर उत्सव में इस बार एक नया रिकॉर्ड बना, जब आस्था और रोमांच के वशीभूत होकर 5 हजार से अधिक ग्रामीण एक साथ पारंपरिक औजारों और जालों के साथ तालाब के पानी में उतरे। पूजा-अर्चना के बाद ढोल-नगाड़ों की थाप में तालाब की मछलियां पकडने लगे।
मिली जानकारी के अनुसार इस ऐतिहासिक परंपरा की जड़ें दशकों पुरानी हैं, जब ग्राम बरकई के तत्कालीन मालगुजारों ने ग्रामीणों के सामूहिक श्रमदान से इस विशाल तालाब का निर्माण करवाया था। तालाब के पूरा होने पर मालगुजारों ने सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए एक नियम बनाया कि हर तीन वर्ष में एक बार इस जलाशय की तमाम मछलियां ग्राम वासियों और यहां पहुंचने वाले मेहमानों के लिए छोड़ दी जाएंगी। तभी से बंधा मतौर की यह रीत पूरी शिद्दत से निभाई जा रही है। इस बार भी आयोजन में हिस्सा लेने और तालाब में उतरकर मछली पकडऩे के लिए प्रत्येक प्रतिभागी से 200 रुपये का सहयोग शुल्क लिया गया था।

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