दुर्ग। अहिवारा के पटवारी ने बंटवारे के नाम पर बुजुर्ग महिला से 45 हज़ार रुपये रिश्वत की मांग की। इसका वीडियो वायरल होने पर कलेक्टर ने इसकी जाँच अहिवारा के तहसीलदार को सौंपी। जाँच में वीडियो को सच पाया गया। इस पर कार्र वाई करते हुए कलेक्टर ने उसे सस्पेंड कर दिया
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बुजुर्ग से रिश्वत लेने वाले अहिवारा पटवारी लेकेश्वर सिंह ठाकुर को निलंबित कर दिया है। पटवारी ने भूमि बंटवारे के नाम पर बुजुर्ग महिला से 45 हजार रुपए की रिश्वत ली थी। रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ था।
कलेक्टर ने बताया कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच तहसीलदार अहिवारा ने की। जांच के दौरान वायरल वीडियो के परिप्रेक्ष्य में प्रार्थी अमन कुमार टंडन और हल्का पटवारी लेकेश्वर का बयान लिया गया। इससे पता चला कि प्रार्थी अमन ने भूमि बंटवारा के नाम पर पटवारी को 45,000 रुपए दिए हैं। पटवारी ने स्वीकार किया कि उसने पक्षकार की माता से रिश्वत ली है। जांच के बाद एसडीएम महेश राजपूत ने पटवारी की कार्यशैली को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-03 एवं नियम-14 के विपरीत और कदाचरण की श्रेणी में पाया। इसी आधार पर पटवारी को निलंबित कर दिया गया है। पटवारी को निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

