Monday, May 4, 2026

विजय ने तमिलनाडु में रचा नया इतिहास

तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास लिखा जा चुका है। 234 सीटों वाली विधानसभा में थलपति विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ 100 सीटों के पार हो चुकी है। यह आंकड़ा इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि विजय ने यह करिश्मा किसी गठबंधन के सहारे नहीं, बल्कि एक ‘अकेले शेर’ की तरह किया है। उन्होंने एक तरफ डीएमके के कैडर वाले मजबूत संगठन और दूसरी तरफ एआईडीएमके के जमीनी चैलेंज को अकेले दम पर ध्वस्त कर दिया है।
तमिलनाडु में 50 साल पहले एमजी रामचंद्रन ने अपनी नई पार्टी के साथ पहले ही चुनाव में पूर्ण बहुमत पाकर जो ‘चमत्कार’ किया था, आज विजय ने उसी स्क्रीन-टू-पॉलिटिक्स वाली विरासत को फिर से जिंदा कर दिया है। विजय की 100 सीटों वाली परफॉर्मेंस इसलिए सबसे अलग है क्योंकि उन्होंने कमल हासन जैसी ‘इंटलेक्चुअल’ राजनीति नहीं की और न ही चिरंजीवी की तरह बीच में हिम्मत हारी। उन्होंने एमजीआर के ‘मास अपील’ वाले फॉर्मूले को पकड़ा और युवा वोटर्स के बीच अपनी ‘थलपति’ वाली इमेज को ‘सेवियर’ (रक्षक) की तरह पेश किया।
जहां कमल हासन और विजयकांत जैसे सितारे दो ध्रुवीय राजनीति के बीच पिस गए, वहीं विजय ने इस बार इस ‘बायपोलर’ सिस्टम में ऐसी सेंध लगाई है कि वो तमिलनाडु के नए पावर सेंटर बनकर उभरे हैं। 100 सीटें जीतना यह बताता है कि तमिलनाडु का वोटर अब पुरानी पार्टियों से आगे बढ़कर एक नए ‘सिनेमैटिक विजन’ पर भरोसा कर रहा है।

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