Saturday, January 31, 2026

विकसित भारत के लक्ष्य को पाने में कौशल आधारित शिक्षा की अहम भूमिका

रायपुर स्थित महंत लक्ष्मीनारायण दास महाविद्यालय एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का समापन हो गया, जिसमें समापन सत्र को संबोधित करते हुए प्रदेश के शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वर्तमान समय तकनीक का युग है और तकनीक के बेहतर उपयोग से ही विकास के लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है; उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को क्रांतिकारी बताते हुए कहा कि इसे पूरा करने के लिए शिक्षा, रोजगार, अधोसंरचना, ग्रामीण विकास और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं तथा शिक्षा का क्षेत्र इसमें सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें सबसे अधिक परिवर्तन होने वाले हैं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच युवाओं के लिए ऐसे क्षेत्रों की पहचान जरूरी है जहां मानवीय कौशल की आवश्यकता बनी रहे; सेमिनार के दूसरे दिन सतत विकास और नवाचार पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के कार्यकाल में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंचा है, वहीं राज्य सरकार की योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, तेंदूपत्ता बोनस, धान खरीदी और किसान सम्मान निधि का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता और विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है; कार्यक्रम के प्रारंभिक सत्र में प्राचार्य डॉ देवाशीश मुखर्जी ने स्वागत भाषण दिया तथा आईक्यूएसी प्रमुख डॉ प्रेम चंद्राकर ने आभार व्यक्त किया, जबकि समापन सत्र में जैतू साव मठ के प्रमुख महंत रामसुंदर दास और रायपुर दक्षिण विधायक सुनील सोनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, इस दौरान विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए और कार्यक्रम का संचालन डॉ श्रुति तिवारी ने किया।

आप की राय

How Is My Site?
Latest news
Related news