रायपुर/बिलासपुर। भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा को अधिक सुरक्षित, अनुशासित एवं सुव्यवस्थित बनाने तथा रेलवे नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जन विश्वास अधिनियम, 2026 के अंतर्गत संशोधित दंड प्रावधान 20 जून 2026 से लागू किये हैं।
नए प्रावधानों के अनुसार बिना टिकट अथवा धोखाधड़ीपूर्वक यात्रा करने पर लगाए जाने वाले न्यूनतम जुर्माने तथा न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार को बढ़ाकर 500 कर दिया गया है।
संशोधित दंड प्रावधानों के अनुसार प्रमुख उल्लंघनों पर निम्नानुसार जुर्माना निर्धारित किया गया है :-
बिना टिकट/धोखाधड़ीपूर्वक यात्रा या न्यूनतम अतिरिक्त प्रभार – 500
रेलवे परिसर अथवा ट्रेनों में नशे की हालत में उपद्रव या अशोभनीय व्यवहार – 1,000
- धूम्रपान, भीख माँगना, आरक्षित कोचों में अनधिकृत प्रवेश अथवा सामान ले जाने संबंधी नियमों का उल्लंघन – 2,000
महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में पुरुषों द्वारा यात्रा करना – 2,500
प्रतिबंधित, विस्फोटक अथवा अन्य खतरनाक वस्तुओं का परिवहन – 10,000 तक का जुर्माना, साथ ही संबंधित प्रावधानों के अनुसार ऐसे सामान को हटाने/जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। इन संशोधित दंड प्रावधानों का उद्देश्य रेलवे परिसरों एवं ट्रेनों में नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी रोक लगाना, यात्रियों में अनुशासन को बढ़ावा देना तथा सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ एवं संरक्षित यात्रा वातावरण सुनिश्चित करना है। भारतीय रेलवे सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे वैध टिकट के साथ यात्रा करें, रेलवे के नियमों एवं निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षित, संरक्षित और सुगम रेल यात्रा सुनिश्चित करने में रेलवे प्रशासन का सहयोग करें।

