Saturday, August 29, 2026

साइबर ठगी रोकने पुलिस-बैंक और एजेंसी मिलकर काम करें: हाईकोर्ट

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों और पुलिस की धीमी कार्रवाई पर कड़ी नाराजगी जताई है। एक मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि साइबर ठग मिनटों में वारदात को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई बेहद धीमी है। हाईकोर्ट ने साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट्स, पुलिस, बैंकों, जांच एजेंसियों और केंद्र सरकार को मिलकर संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला जबलपुर के गोरा बाजार निवासी रिटायर्ड बैंककर्मी चैताली मिश्रा से जुड़ा है, जिनसे क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के नाम पर 6.24 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पीड़िता को राहत नहीं मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के डीजीपी से जवाब मांगा था। सुनवाई के दौरान बताया गया कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय, भारतीय रिजर्व बैंक और दूरसंचार विभाग को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अलग-अलग राज्यों और बैंकों से जुड़ी जांच के कारण कार्रवाई में समय लग रहा है। वहीं साइबर ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर सामने आए आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं, जिनमें डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी फ्रॉड जैसी घटनाओं में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए अंतर-राज्यीय समन्वय और तकनीकी जांच व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

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