Saturday, September 5, 2026

पंडवानी गायकों को मिलेगा डॉ. तीजन बाई राज्य अलंकरण सम्मान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पंडवानी की महान लोकगायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की स्मृति को संजोने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि डॉ. तीजन बाई का योगदान केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर है और उनकी विरासत को संरक्षित करने के लिए सरकार ठोस कदम उठा रही है।
सरकार ने घोषणा की है कि पंडवानी कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले कलाकारों को अब हर वर्ष ‘डॉ. तीजन बाई राज्य अलंकरण सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोककला के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी के कलाकारों को प्रोत्साहित करना है। इस अवसर पर संस्कृति मंत्री ने डॉ. तीजन बाई के परिजनों को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की। उन्होंने कहा कि सरकार कलाकारों और उनकी सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

डॉ. तीजन बाई के पैतृक गांव गनियारी को ‘कलाग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां लोककला, पंडवानी और पारंपरिक संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि यह स्थान कला और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन सके। इसके अलावा, डॉ. तीजन बाई की प्रस्तुतियों का अभिन्न हिस्सा रहा उनका ऐतिहासिक तंबूरा अब रायपुर स्थित महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय में संरक्षित किया जाएगा। इसे आम लोगों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे उनकी कला और जीवन यात्रा को नजदीक से जानने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने अपने अद्वितीय गायन और अभिनय से पंडवानी को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। राज्य सरकार की ये पहलें उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेंगी।

आप की राय

How Is My Site?
Latest news

Untitled

Untitled

Related news