Thursday, February 19, 2026

डीपीएस में मानव और वन्यप्राणी सह-अस्तित्व” पर एक दिनी कार्यशाला

कवर्धा। यह कार्यक्रम वनमंडलाधिकारी, कवर्धा निखिल अग्रवाल (भा.व.से.) के निर्देशन तथा अधीक्षक, भोरमदेव अभ्यारण्य, कवर्धा अनिता साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला में परिक्षेत्र अधिकारी, भोरमदेव अभ्यारण्य, कवर्धा अनुराग वर्मा अपनी टीम के साथ उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को वन्यप्राणियों के संरक्षण, उनके पर्यावरणीय महत्व तथा मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने के उपायों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को यह बताया गया कि वन्यप्राणियों का संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय में निबंध लेखन एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने वन्यप्राणी संरक्षण से संबंधित गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्राचार्या ग्रेसिया ऐन फीग्रेड ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि
“प्रकृति और वन्यजीव हमारे पर्यावरण के अभिन्न अंग हैं। यदि हमें एक संतुलित एवं सुरक्षित भविष्य चाहिए, तो हमें आज से ही अपने व्यवहार में संवेदनशीलता लानी होगी। संरक्षण केवल शब्द नहीं, बल्कि एक सतत् क्रियाशील संकल्प होना चाहिए। विद्यालय का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में ऐसी मानवीय भावनाएँ विकसित करना है, जिससे वे पृथ्वी और उसके प्रत्येक जीव के प्रति उत्तरदायी नागरिक बन सकें।”
उन्होंने विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण हेतु जागरूक रहने और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया। वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह का मुख्य उद्देश्य बच्चों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता, पर्यावरण के प्रति जागरूकता तथा संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। उक्त कार्यक्रम में जय कुमार बंजारे उवक्षे, कौशल साहू वनपाल, लालचंद साहू, सचिन राजपुत, अमीत वर्मा, फलीत यादव, शिवकुमारी गोयल, अहिल्या ठाकुर एवं भोलाराम साहू वनरक्षक उपस्थित रहे।

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