हाईकोर्ट ने चर्चित विराट सराफ अपहरण कांड में आरोपियों की सजा के खिलाफ दायर अपील खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की युगलपीठ ने कहा कि फिरौती के लिए नाबालिग विराट सराफ का अपहरण सुनियोजित आपराधिक साजिश के तहत किया गया था, जिसे मौखिक गवाही, पहचान दस्तावेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और साइबर एनालिसिस रिपोर्ट जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से साबित किया गया। मामले में वर्ष 2019 में बिलासपुर के कश्यप कॉलोनी से खेलते समय विराट का अपहरण कर उसे जरहाभाटा स्थित मकान में बंधक बनाया गया था और उसकी सुरक्षित रिहाई के बदले 6 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी। पुलिस जांच में मास्टरमाइंड के रूप में बड़ी मां नीता सराफ सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को IPC की विभिन्न धाराओं, जिनमें 364-A और 120-B शामिल हैं, के तहत उम्रकैद सहित अलग-अलग सजाएं सुनाई थीं, जिन्हें अब हाईकोर्ट ने भी बरकरार रखा है।
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