जगदलपुर। डिमरापाल स्थित करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज के ग्राउंड फ्लोर में सोमवार सुबह गंदा पानी भर गया। इसकी वजह एमआरडी शाखा के टॉयलेट का गंदा पानी था, जो न सिर्फ भवन के अंदर बल्कि बाहर तक फैल गया। बदबू इतनी तेज थी कि स्टाफ और आम नागरिकों को नाक ढककर गुजरना पड़ा।
इसकी जानकारी मिलते ही अधीक्षक मौके पर पहुंचे और ग्राउंड फ्लोर की सफाई कराई। साथ ही कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन वर्ष 2018 में हुआ था। तब से अब तक करोड़ों मरीज यहां स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले चुके हैं। हालांकि, कुछ दिन पहले अस्पताल के मरम्मत कार्यों के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग को प्रस्तावित 5 करोड़ रुपये के बजाय 2 करोड़ रुपये ही स्वीकृत किए गए।
इस राशि का उपयोग सिविल वर्क, टॉयलेट, पेयजल व्यवस्था समेत अन्य कार्यों पर किया जा रहा है। लेकिन इतने बड़े परिसर में सुविधाओं के रखरखाव और विस्तार को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग उदासीन नजर आ रहा है। अस्पताल परिसर में विभाग का कोई कर्मचारी नियमित रूप से मौजूद नहीं रहता, जिससे छोटी-छोटी तकनीकी समस्याओं के समाधान में भी स्टाफ और मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
सोमवार सुबह जब टॉयलेट का गंदा पानी चारों ओर फैल गया, तब इसकी जानकारी अधीक्षक डॉ. अनुरूप साहू को मिली। वह तत्काल अस्पताल पहुंचे और सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने में जुट गए। करीब दो घंटे तक उन्होंने वार्ड से लेकर ग्राउंड फ्लोर तक सफाई कार्य की निगरानी की और व्यवस्था को सामान्य कराया।

