कोरबा। पहले ही सिंचाई विभाग की जमीन पर मल्टी लेवल पार्किंग बना कर उसके पीछे के प्लाट धारकों क़ा व्यवसाय समाप्त कर दिया गया अब सिंचाई विभाग की सम्पूर्ण जमीन पर नाजायज हक़ जमा कर जमीन पर चौपाटी व फ्रूट मार्केट बनाने की योजना बनाकर सीमांकन करवाया गया है जिसका शहरवासी लगातार विरोध जारी हैं। लोगों का कहना है कि जबकि फ्रूट मार्केट और चौपाटी को शहर से बाहर होना चाहिए।
कोरबा विधायक एवं मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन ने कल यानी 28 सितंबर को शाम 5 बजे – कलेक्ट्रेट में बैठक बुलाई है। जिसमें सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा। लेकिन उम्मीद कम ही माना जा रहा है,लेकिन सवाल यह खड़ा होता है कि क्या चौपाटी बनाने से आम नागरिकों को इसका लाभ मिलेगा या फिर चौपाटी अड्डेबाजी, नशेड़ियों और अपराधियों का अड्डा बन जाएगा। आम नागरिकों का कहना है कि साफ सुथरी रोड को निगम बर्बाद करने में क्यों लगा है। निगम एक तरफ चौपाटी बनाने की जिद पर अड़ी है वहीं दूसरी तरफ आसपास के रहवासी क्राइम होने के भय से चिंतित है। नाम न बताने की शर्त में व्यापारियों ने यहाँ तक कहा पूर्व सरकार में मल्टीलेवल पार्किंग बनाकर अपनी जिद पूरी की । क्या अब प्रशासन की चौपाटी की जिद भाजपा सरकार के खिलाफ व्यापारियों में आक्रोश बढ़ायेगा। हालांकि मंत्री ने व्यापारियों को आश्वासन दिया है कि वे सभी के समस्या का समाधान करेंगे। लेकिन यह तय माना जा रहा है कि यदि चौपाटी व फ्रूट मारकेट बना व्यापारियों की दुकानों का व्यवसाय बर्बादी के कगार पर पहुंच सकता है। साथ ही शहर में क्राइम बढ़ने और बेलगाम गंदगी भी होगा।
शहरवासियो ने सीएम विष्णुदेव साय से मांग की है कि वे इस विषय पर संज्ञान लेते हुए शहर के बाहर फ्रूट मार्केट और चौपाटी बनाने की पहल करें। वहीं शहरवासियों ने कहा है कि यदि चौपाटी और फ्रूट मार्केट बनता है तो वे न्यायालय की शरण में जाएंगे।

