Tuesday, September 1, 2026

महामाया पहाड़ स्थित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में चला बुलडोजर

अंबिकापुर। महामाया पहाड़ स्थित रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की। डबरीपानी क्षेत्र के 54 लोगों को अंतिम नोटिस जारी किया गया था। गुरुवार रात वन विभाग की टीम ने इलाके में पहुंचकर मकान खाली करने की घोषणा की और नोटिस चस्पा किए। शुक्रवार सुबह फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के नेतृत्व में वन अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा तथा बुलडोजर से 20 अवैध मकानों को ध्वस्त किया। जिन अतिक्रमणकारियों को हाईकोर्ट से स्थगन आदेश मिला है, उन्हें फिलहाल कार्रवाई से अलग रखा गया है।
वन विभाग के मुताबिक महामाया पहाड़ के कक्ष क्रमांक 2581 और 2582 में किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए मार्च 2026 में 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी किया गया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में प्रशासन ने कार्रवाई तेज की।
फॉरेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज ने बताया कि चिन्हित 157 अतिक्रमणकारियों में महामाया पहाड़, नवागढ़ और डबरीपानी क्षेत्र के लोग शामिल हैं। डबरीपानी के कुछ लोगों को हाईकोर्ट से स्टे मिलने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, जबकि शेष 20 अतिक्रमण हटाए गए हैं।
इस पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अवैध कब्जे हटाना जरूरी है, लेकिन जिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर पैसे लेकर जमीन पर कब्जा कराया, उनके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी।
भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने आरोप लगाया कि अंतिम बेदखली नोटिस की अवधि खत्म होने और पुलिस बल उपलब्ध होने के बावजूद वन विभाग ने कार्रवाई में देरी की। उन्होंने कहा कि रिजर्व फॉरेस्ट भूमि पर बाहरी लोगों द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और अब अतिक्रमण हटाया जा रहा है।

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