MR DIPAK THAKUR
10 वर्षों से उठ रही टू-लेन सड़क की मांग, श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हो रही परेशानी
कवर्धा। जिला मुख्यालय कवर्धा से लालपुर होते हुए सरोधा, रामचूवा और ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग लंबे समय से टू-लेन सड़क बनाए जाने की मांग के बावजूद आज तक पूरा नहीं हो सका है। करीब एक दशक से क्षेत्रवासी इस मार्ग के चौड़ीकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। इधर भोरमदेव कॉरिडोर निर्माण की प्रक्रिया तेज होने और पर्यटन गतिविधियों के विस्तार के बीच लोगों की उम्मीदें एक बार फिर इस सड़क पर टिक गई हैं।
यह मार्ग जिले के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल है। प्रतिदिन सुबह बड़ी संख्या में युवा पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए इसी सड़क पर दौड़ लगाने पहुंचते हैं। वहीं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग भी सुबह-शाम टहलने और ताजी हवा का आनंद लेने इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। इसके अलावा सरोधा और रामचूवा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक भोरमदेव मंदिर तक पहुंचने का यह मुख्य मार्ग है।
वर्तमान में सावन माह के दौरान इस सड़क का महत्व और अधिक बढ़ गया है। लाखों कांवड़िए और शिवभक्त भोरमदेव तथा रामचूवा मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक कर रहे हैं। ऐसे समय में संकरी और जर्जर सड़क के कारण यातायात का दबाव बढ़ जाता है, जिससे श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इस मार्ग का समय रहते चौड़ीकरण कर टू-लेन सड़क बनाई जाती, तो आवागमन कहीं अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकता है
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ग्रामीणों का मानना है कि सड़क के चौड़ीकरण से केवल यातायात सुविधा ही नहीं बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। भोरमदेव, सरोधा और रामचूवा आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
जानकारी के अनुसार, कोरोना काल के दौरान इस मार्ग का निरीक्षण भी किया गया था और सड़क चौड़ीकरण को लेकर चर्चा हुई थी, लेकिन उसके बाद भी परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब जबकि भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि लालपुर से सरोधा तक टू-लेन सड़क निर्माण की वर्षों पुरानी मांग भी जल्द पूरी होगी। लोगों का कहना है कि यदि यह सड़क समय पर विकसित होती है, तो यह न केवल पर्यटन बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

