रायपुर, छत्तीसगढ़। श्री विठ्ठल सम्प्रदाय वृहद समाज महासभा रजि. (भारत) की राष्ट्रीय संगोष्ठी, संगठन विस्तार एवं साधारण सभा का आयोजन रायपुर के समता कॉलोनी स्थित श्री रामनाथ भीमसेन भवन के सभागार में महासभा के संस्थापक एवं संरक्षक योगाचार्य श्री के.एल. नामदेव की अध्यक्षता में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से आए समाज के प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, महिला नेतृत्व एवं गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता करते हुए समाज की एकात्मता, संगठनात्मक मजबूती और सामाजिक उत्थान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री विठ्ठल एवं समाज के विभिन्न घटकों के आराध्य देवों के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं महाआरती के साथ हुआ। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़ों के महामंडलेश्वरों, जिनमें किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, ने समाजबंधुओं की सकारात्मक पहल की सराहना करते हुए आयोजन की सफलता एवं समाज की एकता के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम का संयुक्त मंच संचालन राष्ट्रीय महामंत्री श्री धर्मेश नामदेव एवं नामदेव कॉलेज की प्रोफेसर तथा आकाशवाणी उद्घोषिका श्रीमती जया नामदेव ने किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गिरीश वर्मा ने संगठन के विस्तार, समाज के विभिन्न घटकों को एक मंच पर लाने तथा महासभा की विचारधारा को देशव्यापी स्तर पर मजबूत करने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए।
नागपुर से पधारे संत नामदेव राष्ट्रीय एकात्मता समिति के मुख्य संयोजक श्री ईश्वर नामदेव राव धिरडे ने समाज के सभी घटकों को श्री विठ्ठल सम्प्रदाय वृहद समाज महासभा की विचारधारा से जोड़ने तथा आपसी समन्वय और एकात्मता को सुदृढ़ करने पर बल दिया।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री लक्ष्मीकांत कश्यप ने संगठन की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि आगामी छह माह के भीतर देश के प्रत्येक राज्य में संगठनात्मक इकाइयों के गठन की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही श्री विठ्ठल सम्प्रदाय से जुड़े सभी खापों, जातीय घटकों एवं समाजबंधुओं को एक साझा मंच पर लाकर संगठन को व्यापक और सशक्त बनाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश, जिला एवं तहसील स्तर तक सभी घटकों को जोड़कर संस्थापक एवं संरक्षक योगाचार्य श्री के.एल. नामदेव के एकात्म समाज के सपने को साकार करना महासभा का प्रमुख लक्ष्य है।
मातृशक्ति की भूमिका और सामाजिक समस्याओं पर विशेष जोर
महासभा की राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती रेखा मुलेतकर (महाराष्ट्र) ने समाज के संगठनात्मक विकास में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि समाज में विलंब से विवाह, वैवाहिक संबंधों में विच्छेद तथा गृहस्थ जीवन से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए महिलाओं की सक्रिय सहभागिता, आपसी संवाद और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने मातृशक्ति से संगठित होकर सामाजिक जागरूकता बढ़ाने तथा परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में आगे आने का आह्वान किया।
उन्होंने भगवान श्री विठ्ठल, संत नामदेव एवं समाज के आराध्य संतों के प्रति श्रद्धा बनाए रखने तथा नियमित पूजा-अर्चना और संतों के विचारों को जीवन में अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।
देशभर से पहुंचे पदाधिकारी एवं समाज प्रतिनिधि
राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आए अनेक पदाधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। इनमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पत्रकार श्री जगदीश नामदेव (ललितपुर), श्री सुधर्मा बबन राव खोड़े, संत नामदेव एकात्मक संघ, पंढरपुर के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री अनिल गचके, श्री अरुण नामदेव, श्री संतोष नामदेव (बिलासपुर), आज तक टीवी चैनल के प्रतिनिधि श्री महेंद्र नामदेव (रायपुर), श्री एन.पी. नामदेव, श्री जे.के. नामदेव, श्री सुरेश कुमार तोलम्बिया (दिल्ली), राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री ओमप्रकाश अपूर्वा, राष्ट्रीय महिला प्रकोष्ठ की उपाध्यक्ष श्रीमती सुशीला अपूर्वा (किशनगढ़), राष्ट्रीय समन्वयक श्री विजय कुमार वर्मा, प्रांतीय महिला संगठन मंत्री एवं प्रधानाचार्य श्रीमती ममता वर्मा (मोयल), श्री एन.के. नामदेव (चूरू निवासी, बिलासपुर प्रवासी), मध्यप्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष श्री नंदकिशोर नामदेव तथा कोषाध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश नामदेव सहित अनेक गणमान्य समाजबंधु उपस्थित रहे।
विभिन्न राज्यों से पधारे प्रतिनिधियों का रायपुर श्री नामदेव परिषद एवं श्री विठ्ठल सम्प्रदाय वृहद समाज महासभा रजि. के पदाधिकारियों द्वारा शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस सम्मान समारोह ने विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों के बीच परस्पर आत्मीयता, समन्वय और संगठनात्मक एकता की भावना को और मजबूत किया।
एकात्म समाज के निर्माण का सामूहिक संकल्प
समारोह के अंतिम चरण में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने अपने-अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने, संगठन की विचारधारा के प्रति समर्पित रहने तथा समाज में एकात्मता, सहयोग और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने की शपथ ली।
राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं साधारण सभा का समापन समाज के सभी घटकों को एक सूत्र में पिरोने, संगठन का देशव्यापी विस्तार करने और भावी पीढ़ियों के लिए एक सशक्त, संगठित एवं समरस समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
यह आयोजन श्री विठ्ठल सम्प्रदाय वृहद समाज महासभा के लिए केवल संगठनात्मक विस्तार का अवसर नहीं, बल्कि समाज की एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
प्रकाशन से पहले एक छोटी-सी सलाह: समाचार को भेजने से पहले सभी पदाधिकारियों के नाम, पदनाम और संस्थाओं के आधिकारिक नाम एक बार अवश्य जाँच लें। विशेष रूप से संत नामदेव राष्ट्रीय एकात्मता समिति, राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नामदेव एकात्मक महाराष्ट्र तथा कुछ नामों की वर्तनी की पुष्टि कर लेने से समाचार की विश्वसनीयता और बढ़ेगी।

