नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार द्वारा हाई पावर्ड टास्क फोर्स के गठन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने युवाओं की चिंता करते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए कठोर कानून भी बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से यह टास्क फोर्स गठित की है, जिसकी अध्यक्षता टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि करेंगे। इस टास्क फोर्स में इसरो के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ, आईबी के पूर्व निदेशक तपन डेका, आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ अमृत लाल मीणा सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह समूह परीक्षा प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सुझाव देगा। वहीं, जिला पंचायत सीईओ की दो दिवसीय बैठक पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें गांवों के समग्र विकास, अधोसंरचना को मजबूत करने और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि पूर्व आईएएस और भारत सरकार के पूर्व सचिव अमरजीत सिन्हा तथा पद्मश्री पोपट राव पवार ने अधिकारियों का मार्गदर्शन किया, जिससे ग्रामीण विकास के कार्यों को नई दिशा मिलेगी।
Related news

