Friday, August 28, 2026

मूसलाधार बारिश से धंसी 6 खदानें सड़क गड्ढों में समाई, 10 गांव का संपर्क टूटा

नागौर। जिले के मकराना स्थित अरावली पॉलीगॉन क्षेत्र का कालानाडा खनन इलाका गुरुवार तड़के दहल उठा। मूसलाधार बारिश और लंबे समय से जारी अनियंत्रित अवैध खनन के चलते एक के बाद एक 6 खदानें ताश के पत्तों की तरह ढह गईं। हादसा इतना भयानक था कि जाखली जाने वाला मुख्य कालानाडा-कटाणी मार्ग पूरी तरह ध्वस्त होकर सैकड़ों फीट गहरे खदान के गड्ढों में समा गया।
गनीमत यह थी कि उस समय खदानों में काम बंद था और सड़क पर कोई आवाजाही नहीं थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। इसका खामियाजा अब ग्रामीण आबादी को भुगतना पड़ रहा है, क्योंकि मकराना से 10 गांवों का संपर्क पूरी तरह कट चुका है।
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों का आक्रोश चरम पर है। ग्रामीणों का कहना है कि पॉलीगॉन की खदानों (संख्या 4 से 10 तक) में पिछले डेढ़ साल से खनन माफिया धड़ल्ले से कानून की धज्जियां उड़ा रहे थे। माफियाओं ने अधिक लाभ के चक्कर में सड़क और कृषि भूमि तक को नीचे से खोखला कर दिया था। पूर्व में उपखंड अधिकारी ने खनिज अभियंता को नोटिस जारी कर कड़े सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए थे।

इस घटना के बाद वृत्ताधिकारी विक्की नागपाल और थाना प्रभारी पंकज विश्नोई ने पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को सील कर दिया है। अब प्रशासन तंत्र में जिम्मेदारी लेने के बजाय आरोप-प्रत्यारोप का खेल शुरू हो चुका है। खनिज विभाग के अभियंता ललित मंगल का कहना है कि नगर परिषद की सीवरेज पाइप लाइन में लीकेज और बारिश से हुए कटाव के कारण जमीन धंसी है।
इधर पंचायत समिति प्रधान सुमिता खींचड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि खनिज विभाग की मिलीभगत से अवैध खनन फल-फूल रहा था। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। प्रशासन अब जांच की बात कह रहा है।

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