रायपुर। ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतू साव मठ, पुरानी बस्ती रायपुर के न्यास समिति को भंग नहीं किया गया क्योंकि वरिष्ठ न्यायालय द्वारा ट्रस्ट को भंग किए जाने के संबंध में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। ट्रस्टी अजय तिवारी के विरूद्ध शिकायत के संबंध में प्रकरण दर्ज कर न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जा रही है। यह जानकारी मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान विधायक इन्द्र कुमार साहू के द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने यह जानकारी दी।
पर्यटन मंत्री अग्रवाल ने सदन को बताया कि पंजीयक, लोक न्यास रायपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक 09/ब-113 (4) वर्ष 2006-7 में प्रतिवेदन 14.06.2007 के अनुसार ठाकुर रामचंद्र स्वामी जैतूसाव मठ, पुरानी बस्ती रायपुर की न्यास समिति को भंग करने एवं उनके स्थान पर रिसिवर नियुक्त किए जाने हेतु लोक न्यास अधिनियम 1951 की धारा 26 के अंतर्गत जिला न्यायाधीश, रायपुर को रिफ्रेंस प्रेषित किया गया था वरिष्ठ न्यायालय द्वारा ट्रस्ट को भंग किए जाने के संबंध में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। इस प्रकार उक्त न्यास समिति को भंग नहीं किया गया है।
उल्लेखित अवधि में कण्डिका 1 अनुसार प्रकरण लोक न्यास अधिनियम 1951 की धारा 26 के अंतर्गत 14.06.2007 के माध्यम से इस न्यायालय द्वारा प्रेषित रिफ्रेंस आवेदन को न्यायालय एकादश अतिरिक्त जिला न्यायाधीश रायपुर को प्रेषित किया गया था। चूंकि ट्रस्ट को भंग किए जाने के संबंध में वरिष्ठ न्यायालय द्वारा अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। ऐसे आदेश जो पंजी में इन्द्राज योग्य है, उन्हें इन्द्राज किया जाता है। न्यायालय पंजीयक सार्वजनिक न्यास के कार्यालय में उपलब्ध न्यास पंजी के अनुसार रा.प्र.क्र.-02/ब-113 (1) कलेक्टर (2) वासुदेव नरहर मोकासदर (3) ग्वालदास डागा (4) किशनलाल सिंघानिया (5) नंद कुमार दानी (6) रामकिशोर लाल अग्रवाल रा.प्र.क्र. 92/ब-113 (1) वर्ष 1983-84 आदेश 25.01.1986 के माध्यम से (7) जिवेन्द्र नाथ ठाकुर (8) महेन्द्र अग्रवाल एवं रा.प्र.क्र. 02/ब-113 (4) वर्ष 2006-07 आदेश दिनांक 28.11.2006 के माध्यम से (9) रामेश कुमार अग्रवाल (10) अजय तिवारी (11) शिव कुमार अग्रवाल की नियुक्ति की गई है। ट्रस्टी क्रमांक 10 अजय तिवारी के विरूद्ध शिकायत के संबंध में प्रकरण दर्ज कर न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत सुनवाई की जा रही है।

