रायपुर। जल जीवन मिशन में पदस्थ अधिकारियों की मनमानी के चलते एक ठेकेदार ने जान दे दी। अधिकारियों ने मृतक ठेकेदार का भुगतान पिछले एक साल से नहीं किया था । इसके चलते घर का खर्च चलाने मृतक कर्जा लेकर चला रहा था। भुगतान के अभाव में वह मानसिक रूप से काफी परेशान था।
यह मामला दुर्ग जल जीवन मिशन में कार्यरत ठेकेदार गणेश्वर देशमुख का है। उनका भुगतान एक साल से ज्यादा समय से नहीं किया गया था । लंबे समय से भुगतान नहीं किये जाने से वह परेशान थे । आरोप है कि जल जीवन मिशन के अधिकारियों के द्वारा उसका भुगतान रोक कर प्रताड़ित किया जा रहा था। यह केवल मृतक भर के साथ नहीं किया जा रहा था। इसके शिकार और भी ठेकेदार हैं। कर्ज का बोझ बढ़ता देख कर इससे मुक्ति पाने ठेकेदार ने जान देना ही आसान समझा। प्रताड़ना के शिकार और भी 8 -10 ठेकेदार और हैं जो भविष्य में आत्मघाती कदम उठा सकते हैं। अधिकारी अपने चहेते ठेकेदार को तो उपकृत करते हैं।
सूत्रों की माने तो विभाग के एमडी हर बार नए नए नियम बताते हैं। उन पर आरोप है कि भुगतान के मामले में वो बिल्कुल भी फोकस्ड नहीं है, उनके द्वारा सिर्फ नए नए नियम बताकर ठेकेदारों की मांग की अनदेखी की जाती है । आरोप यह भी है कि ठेकेदार कई बार भुगतान की मांग को लेकर एमडी से बात कर चुके हैं पर उनके द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की जाती है। उल्टा उनको प्रताड़ित किया जाता है और काम से बर्खास्त करने की धमकी दी जाती है।

