खैरागढ़ की सरकारी शराब दुकान फिर विवादों में घिर गई है। कभी मिलावटी शराब और फर्जी होलोग्राम के मामलों को लेकर सुर्खियों में रही यह दुकान अब कथित ओवररेटिंग, अव्यवस्था और दबंगई के आरोपों के केंद्र में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब खरीदने पहुंचे ग्राहकों को जल्दी सेवा पाने के लिए निर्धारित कीमत से ज्यादा भुगतान करना पड़ता है और विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज, धमकी और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ता है। दुकान के बाहर कुछ असामाजिक तत्व कथित तौर पर अपना नेटवर्क चला रहे हैं, जिससे लंबी कतारों, धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी जैसी स्थिति आम हो गई है। सुरक्षा व्यवस्था लगभग नदारद है और भीड़ नियंत्रण के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। आबकारी विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि पहले से विवादों में रही इस दुकान पर निगरानी क्यों नहीं बढ़ाई गई और क्यों सुरक्षा व व्यवस्थाओं में सुधार के ठोस कदम नहीं उठाए गए। खैरागढ़ आबकारी विभाग के अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि मामले की जानकारी मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी, लेकिन फिलहाल यहां ग्राहक शराब के बजाय अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं।
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