महासमुंद। बीती रात अंधड़-बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं किसानों की रबी सीजन की खड़ी फसल चौपट हो गई है। प्रभावित किसान शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाईं है। महासमुंद से लगे आसपास के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों कौंदकेरा, मुस्की, बनसिवनी, कांपा, गोपालपुर, सोरिद, परसदा (ब) आदि में खेतों में खड़ी धान गिरने और खेतों में पानी भरने से किसानों को नुकसान हुआ है। रेगहा पर खेती करने वाले योगेश्वर चन्द्राकर, मुरली चन्द्राकर, नारायण ध्रुव सहित अन्य किसानों का कहना है कि हमारी धान की फसल तैयार थी। एक दो दिनों में फसल की कटाई करनी थी पर अचानक आई अंधड़-बारिश से आधा से ज्यादा फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में क्या मालिक को देंगे, क्या खाद-बीज का पैसा देगे समझ में नहीं आ रहा है।
आंकलन के बाद मदद की जाएगी : कलेक्टर
इस सम्बन्ध में कलेक्टर विनय कुमार लंगेहने कहा कि फसल नुकसान की सूचना मिली है। सभी एसडीएम को नुकसान फसलों का आंकलन करने आदेशित किया गया है। इसके बाद नियमानुसार आर्थिक मदद की जाएगी।
गौरतलब है कि बीती रात महासमुंद जिले के 06 तहसीलों में औसतन 17.3 मिमी बारिश हुई है। महासमुंद में 22 मिमी, बागबाहरा में 25 मिमी, पिथौरा में 10.1 मिमी, बसना में 12.6 मिमी, सरायपाली में 2 मिमी एवं कोमाखान में 32.6 मिमी बारिश हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 दिनों तक प्रदेश के कई इलाकों में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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