भारतीय संस्कृति का शाश्वत मंत्र “सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामया” केवल एक आदर्श वाक्य नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी शासन का मूल उद्देश्य भी बन चुका है। इसी भावना को साकार करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में बस्तर संभाग में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की है, जिससे लाखों बस्तरिया नागरिकों के जीवन में आशा, विश्वास और बेहतर भविष्य की नई किरण जगी है। नक्सलवाद की चुनौतियों से जूझते बस्तर में अब विकास की नई कहानी लिखी जा रही है, जहां पहले स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और दूरदराज के क्षेत्रों से अस्पताल तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती थी, वहीं अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और सरकार का लक्ष्य है कि हर व्यक्ति तक निःशुल्क और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” इस बदलाव की मजबूत नींव बनकर उभरा है, जिसके तहत बस्तर के सभी सात जिलों में घर-घर सर्वे कर स्वास्थ्य जांच की जा रही है, डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया जा रहा है और बीमारियों की शुरुआती पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अस्पताल केंद्रित न रहकर जन-केन्द्रित बन रही हैं।
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