नई दिल्ली। अभ्यास त्रिशूल भारत की रक्षा नीति के आधुनिकीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अभ्यास इस बात का प्रतीक है कि भारतीय सेना अब केवल जमीन, समुद्र और आकाश में नहीं, बल्कि अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। सैटेलाइट निगरानी, साइबर सुरक्षा और ड्रोन तकनीक के एकीकृत उपयोग से भारत ने यह दिखाया है कि उसकी सैन्य सोच अब नेटवर्क-केंद्रित और स्वायत्त युद्ध के सिद्धांतों पर आधारित है। इस प्रकार का अभ्यास भविष्य के असममित युद्धों की चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक है।
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